हिंदी व्याकरण, पत्र लेखन

आपके दादाजी की मृत्यु होने पर संवेदना पत्र | hindi letter writing

नागौर

दिनांक 10-10-2022

प्रिय रजनीश,

आज ही पता चला है कि आपके दादाजी का हृदय गति रुक जाने के कारण देहान्त हो गया है। इस समाचार से हमारे पूरे परिवार को बहुत अधिक वेदना हुई है। किन्तु बन्धुवर, ईश्वर के विधान के आगे किसी का वंश नहीं चलता। दादाजी मुझे भी आपके सम्मान ही प्यार करते थे। अधिकतर ‘रजनीश सैकंड’ कहकर आवाज देते थे। उनकी अनेक बातें याद आती हैं तो ऐसा लगता है, दादाजी आवाज लगा रहे हैं। मगर अब कहां हैं दादाजी! दादाजी को इतने ही दिन हमारे साथ रहना था। ईश्वर ने उन्हें अब अपने पास बुला लिया है। यही विचार कर हमें तसल्ली करनी होगी। भाई रजनीश, निश्चित ही यह एक बड़ा संकट आपके परिवार पर आ पड़ा है। किन्तु धैर्य से काम लेना है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे,साथ ही आपके शोक-संतप्त परिवार को इस महान क्षति को सहन करने की शक्ति भी प्रदान करें।

समदुखी

महेश

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