हिंदी व्याकरण, पत्र लेखन

दुर्घटनाग्रस्त होने पर मित्र को संवेदना पत्र | hindi application writing

पाली

दिनांक -15-10-2022

प्रिय सुरेश,

कल रमेश के मिलने पर पता चला कि पिछले सप्ताह तुम्हारी साइकिल के कारण से टकरा जाने के कारण तुम दुर्घटनाग्रस्त हो गए और तुम्हारे बाएं पांव की हड्डी भी टूट गई। यह समाचार सुनकर मुझे बहुत धक्का लगा है। तुम पर भगवान की कृपा है इसलिए इतने में ही मुसीबत कल गई। वरना कार से टकराने पर तो कुछ भी हो सकता था। इस दुर्घटना की कल्पना करके ही मेरे रोंगटे खड़ हो जाते हैं। भैया, होनी बलवान होती है, यह समझकर ही धीरज से काम लेना। यदि तुम घबरा गए तो तुम्हें देखकर मम्मी पापा तो और घबरा जाएंगे। यह संकट थोड़े ही दिन रहेगा। कुछ दिन बाद तुम बिल्कुल स्वस्थ हो जाओगे। एक सप्ताह बाद पिताजी घर पर आ जाएंगे। उनके आते ही मैं स्वयं जोधपुर आकर तुमसे मिलूंगा।

मम्मी-पापा को मेरा प्रणाम कहना।

तुम्हारा परम मित्र

दिनेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *