हिंदी व्याकरण, पत्र लेखन

पुत्र को पिता द्वारा पत्र से तबियत बताना | letter writing 

राजगढ़

5 अक्टूबर,2022

प्रिय आशीष,

शुभाशीर्वाद !

बेटे, अभी‌ पत्र मिला है तुम्हारा और पढ़कर मन को बहुत तसल्ली हुई है।

यहां के डॉक्टरों से इलाज़ करवाकर मैं निराश हो चुका था और लग रहा था कि इस पेट-दर्द के साथ ही इस दुनिया से विदा होना पड़ेगा। तुम्हारा पत्र मिलने से ही मुझे पीड़ा से राहत मिली है तुम्हारे पास आने के लिए तुम्हारी मां भी मेरे पीछे पड़ गई है अब हम दोनों 8 अक्टूबर को यहां से दोपहर 1 बजे चलनेवाली बस से आ रहे हैं जो जयपुर 6 बजे पहुंचेगी। तुम दफ्तर से सीधे बस स्टेंड आ जाना।

तुम्हारी मां तुम्हारे लिए आशीर्वाद भिजवा रही है नरेश और शिवा का आशिष देव और ज्योति प्रणाम लिखवा रहे हैं।

तुम्हारा पिता

सुरेश कुमार

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